Maharshi Valmiki Best Quotes Vichar in Hindi

Maharshi Valmiki Best Quotes Vichar in Hindi पावन योग वशिष्ट मे दी गई भगवान वाल्मीकि कि शिक्षायें ,

जीवन को बदल देने वाले महार्षि वाल्मीकि के अनमोल विचार।

  • युक्तिसंगत बात तो बच्चे की भी मान लेनी चाहिए,लेकिन तर्कहीन बात का तुरंत त्याग कर देना चाहिए, भले ही वह बात ब्रह्मा ने ही क्यों न कही हो।
  • प्राणी इस संसार मे मरने के लिये ही पैदा होता है और पैदा होने के लिये ही मरता है।
  • सुख व दुख न तो शरीर को होते है और न ही आत्मा को।
    अज्ञानता के कारण ही इनका एहसास होता है।
  • संसार रूपी भवसागर से पार होने का एक मात्र उपाय केवल ज्ञान ही है।
  • आत्म ज्ञान के बिना शांति प्राप्त नही हो सकती।
  • सभी दुखों का नाम पुरुषार्थ से ही होता है।इस कारण पुरुषार्थी बनो।
  • अगर संसार मे आलस्य रूपी अनर्थ नही होता तो कोई भी धनी और विद्वान नही होता।

Maharshi Valmiki Vichar in Hindi

  • आत्म ज्ञान केवल विचार से होता है। वह न तो तप करने से पाया जा सकता है और न ही किसी गुरु से मिल सकता है।
  • कोई भी कर्म फल दिए बिना नही रहता। अच्छे कर्म का अच्छा और बुरे कर्म का बुरा फल अवश्य मिलता है।
  • कर्म ही पुरुषार्थ है, पुरुषार्थ ही कर्म है। यह दोनों एक ही है,जैसे बर्फ और उसकी ठंडक।
  • जिस मूर्ख ने मन से त्याग नही किया, वह शुभ-अशुभ क्रियाओं को नही करते हुए भी संसार रूपी समुद्र में ही डूबा रहता है।
  • ज्ञानी ही सुखी और बलवान होता है। इस कारण ज्ञानी बनो।
  • जिसके मन की इच्छाएं शांत हो जाए और उसकी शीतलता बनावटी नही हो, उसे ही ज्ञानी कहते है।
  • मन को अपने ज्ञान व पुरुषार्थ से ही शांत किया जा सकता है। इसका कोई अन्य उपाय नही है।
  • जिस तरह जल पर बुलबुले उठते है और फिर नष्ट हो जाते है,
    उसी तरह सभी देशों व कालों में अनंत जीव उत्पन्न व विलीन होते रहते है।

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